पाठ से
अपने घर के बरामदे में खड़े होकर छः वर्षीय विश्वेश्वरैया ने क्या देखा?
अपने घर के बरामदे में खड़े होकर 6 साल के विश्वेश्वरैया ने देखा कि आकाश में अंधेरा छाया हुआ है। कुछ ही देर में मूसलाधार वर्षा होने लगी। गड्ढे और नालियां पानी से भर गई। गली में पंक्तियों में खड़े पेड़ बारिश से धुल जाने के कारण साफ व सुंदर दिखाई दे रहे थे। पंक्तियों और टहनियों से पानी की बूंदे टप—टप गिर रही थीं। थोड़ी ही दूरी पर हरे—भरे खेत लहलहा रहे थे। निकट की नाली का पानी उमड़—घुमड़ कर रहा था। उसमें भंवर भी उठ रहे थे। वह एक बहुत बड़े पत्थर को अपने साथ बहाकर ले जा रहा था।
पाठ से
तुम्हें विश्वेश्वरैया की कौन सी बात सबसे अच्छी लगी? क्यों?
विश्वेश्वरैया बचपन से ही होशियार थे। उनमें सीखने की प्रगाढ़ इच्छा थी। वे प्रकृत्ति में छिपे हर रहस्य को जानना चाहते थे। साथ ही उन्हें ये भी मालूम करना था कि देश में इतने सारे लोग गरीब क्यों हैं। 14 वर्ष की आयु में ही विश्वेश्वरैया के पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाया। उनके पास हर बात का समाधान रहता था। यही विश्वेश्वरैया बड़े होकर एक महान इंजीनियर बने।
पाठ से
विश्वेश्वरैया के मन में कौन-कौन से सवाल उठते थे?
विश्वेश्वरैया प्रकृति के बारे में सबकुछ जानना चाहते थे। उनके मन में अक्सर ये सवाल उठता था कि गरीबी के क्या कारण हैं। क्या उनके घर में काम करने वाली नौकरानी इतनी गरीब क्यों है, वह फटी साड़ी क्यों पहनती है, अभावों में अपना जीवन व्यतीत क्यों करती है| उर्जा के कौन से प्रचलित स्त्रोत हैं। कैसे इस उर्जा को पकड़कर इस्तेमाल में लाया जा सकता है। विश्वेश्वरैया के मन में ये सभी सवाल उठते थे।
सवाल
विश्वेश्वरैया अपने मन में उठे सवालों का जवाब अपने अध्यापकों और बड़ों से जानने की कोशिश करते थे। क्या तुम अध्यापकों से पाठ्य पुस्तकों के सवालों के अतिरिक्त भी कुछ सवाल पूछते हो? कुछ सवालों को लिखो जो तुमने अपने अध्यापकों से पूछे हों।
हां, पुस्तक के सवालों के अलावा भी मैं अध्यापक से कई सवाल पूछता हूं। जैसे—
क्या पृथ्वी पर सच में देवी—देवता राज करते थे।
अंग्रेजों ने कैसे धीरे—धीरे भारत पर कब्जा कर लिया।
माता—पिता अपने बच्चों पर पढ़ाई का दबाव क्यों डालते हैं।
टीचर बच्चों को प्यार से समझाने की बजाय उनकी पिटाई क्यों करते हैं।
क्या अमेरिका में भी उसी समय दिन होता है जब भारत में होता है।
हमें अजनबियों से क्यों बात नहीं करनी चाहिए।
रामायण में राम के साथ लक्ष्मण भी वनवास के लिए क्यों गए थे।
अनुभव और विचार
तुम्हें सर्दी-गर्मी के मौसम में अपने घर के आसपास क्या-क्या दिखाई देता है?
सर्दी— सर्दी के मौसम में सुबह के समय हरे—हरे पेड़ की पत्तियों पर ओस दिखती है। घास ओस से गीली हो जाती है। आस—पास के घरों के बाहर आग जलती रहती है। कुहासा पड़ने के कारण ज्यादा दूर की चीजें नजर नहीं आतीं। सभी स्वेटर और कान में टोपा लगाकर निकलते हैं।
गर्मी— गर्मी के मौसम में सुबह 5 बजे ही भोर हो जाती है। सभी अपने—अपने घर से बाहर टहलने के लिए निकल पड़ते हैं। दिन के समय तेज धूप दिखती है| सामने वाली आंटी शाम के समय पेड़ के नीचे बैठ चाय पीती नजर आती हैं। इसके अलावा बच्चे भी सुबह-सुबह पार्क में खेलते दिखते हैं।
अनुभव और विचार
तुमने पाठ में पढ़ा कि एक बूढ़ी महिला ताड़पत्र से बनी छतरी लिए खड़ी थी। पता करो कि ताड़पत्र से और क्या-क्या बनाया जाता है?
ताड़पत्र से छतरी के अलावा पत्तल, दोने और चटाइयां आदि बनती हैं। ये एक खास तरह के पेड़ के मजबूत पत्ते होते हैं। जो पानी और धूप पड़ने पर भी जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही ये प्रकृति में स्वतंत्र छोड़ने पर आसानी से नष्ट हो जाते हैं और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते|
अनुभव और विचार
विश्वेश्वरैया ने बचपन में रामायण, महाभारत, पंचतंत्र आदि की कहानियाँ सुनी थीं। तुमने पाठ्यपुस्तक के अलावा कौन-कौन सी कहानियाँ सुनी हैं? किसी कहानी के बारे में बाताओ।
जंगल में एक चिड़िया ने अपना घोसला बनाया। वह रात—दिन उसी में रहती और वहीं अपना खाना लाकर खाती थी। एक बार वो पास के खेत में दाना चुगने चली गई। वह खेत बहुत हरा—भरा था। उसे वहां खाने को बहुत कुछ मिला। चिड़िया खाने—पीने के लिए कुछ दिन वहीं रुक गई और उसकी जिंदगी मौज से कटने लगी।
एक दिन उस पेड़ के पास एक खरगोश आया, जहां चिड़िया का घोसला था। पेड़ की लंबाई ज्यादा नहीं थी। खरगोश ने थोड़ा झांककर देखा तो उसे खाली घोसला दिखा। घोसला काफी बड़ा था। खरगोश ने तय किया कि अब यह खाली पड़ा घोसला ही उसका घर है। खरगोश भी उस घोसले में मौज से रहने लगा।
एक दिन चिड़िया खूब मोटी—ताजी होकर खेत से लौटी। अपने घोसले में खरगोश को देखकर उसे बहुत गुस्सा आया। उसने खरगोश से अपना घोसला वापस करने को कहा। खरागोश ने घर खाली करने से मना कर दिया। चिड़िया और खरगोश ने फैसला किया कि वो किसी विद्वान से चलकर इस बात का समाधान निकलवाते हैं। जो वो विद्वान कह देगा घर उसका ही हो जाएगा।
नदी के किनारे से गुजरते समय उन्होंने देखा कि एक बिल्ली कुछ शास्त्रपाठ कर रही है। हालांकि बिल्ली, खरगोश और चिड़िया की जानी दुश्मन होती है फिरभी वे हिम्मत करके उसके पास समाधाान लेने गए।
बिल्ली ने दोनों की बात सुनी। इसके बाद उसने कहा कि वो इसका समाधान दोनों के कान में बताएगी। खरगोश और चिड़िया खुश हो गए कि अब उन्हें समाधान मिल जाएगा। जैसे ही दोनों बिल्ली के बिलकुल करीब गये उसने खरगोश को पंजे में पकड़ा और चिड़िया को मुंह में नोच लिया। दोनों का काम तमाम कर दिया। अपने शत्रु को पहचानते हुए भी उस पर विश्वास करने से खरगोश और चिड़िया को अपनी जान गंवानी पड़ी।
अनुभव और विचार
तुम्हारे मन में भी अनेक सवाल उठे होंगे जिनके जवाब तुम्हें नहीं मिले। ऐसे ही कुछ सवालों की सूची बनाओ।
मेरे मन में उठने वाले सवाल जिसके जवाब मुझे नहीं मिले—
पृथ्वी अगर गोल है तो उस पर रहने वाले लोग गिरते क्यों नहीं हैं।
अगर धरती पर कृष्ण और राम जैसे देवता का जन्म हुआ तो वे फिर कहां गए।
अगर शंकर जी ने पार्वती को अमर कथा सुनाई तो सिर्फ उन्हें क्यों सुनाई। हम सबको क्यों नहीं सुनाई।
कृष्ण ने युद्ध के बीच में अर्जुन को इतना महान गीता ज्ञान कैसे दे दिया होगा।
समुद्र का पानी खारा और नदियों का पानी मीठा क्यों होता है।
अनुभव और विचार
तुम्हारे विचार से गरीबी के क्या कारण हैं?
मेरे विचार से गरीबी के कई कारण हैं, जो निम्न प्रकार हैं—
1. बढ़ती आबादी
2. रोजगार की कमी
3. लोगों का अशिक्षित होना
4. लोगों में काम करने की इच्छा का ना होना
5. लोगों को अपने काम का सही मूल्य ना मिलना
6. गरीबों के लिए सरकार की अच्छी योजनाओं का ना होना
7. गरीबों का अपने लिए आवाज ना उठाना
वाक्य बनाओ
नीचे पाठ में से चुनकर कुछ शब्द दिए गए हैं। तुम इनका प्रयोग अपने ढंग के वाक्य बनाने में करो।
क. हरे-भरे
ख. उमड-घुमड़
ग. एक-दूसरे
घ. धीरे-धीरे
ङ. टप-टप
च. फटी-पुरानी
क. हरे-भरे — हरे—भरे पेड़ों को देखने से मन खुश हो जाता है।
ख. उमड़-घुमड़ — बादल उमड़—घुमड़ कर अठखेलियां कर रहे हैं।
ग. एक-दूसरे — हमें हमेशा एक—दूसरे की मदद करनी चाहिए।
घ. धीरे-धीरे — धीरे—धीरे काम करने से हमेशा देर होती है।
ङ. टप-टप — बारिश के समय टूटी हुई टीन से टप—टप कर बूंदें चूती हैं।
च. फटी-पुरानी — राजेश को फटी—पुरानी जींस पहनने की आदत है।
इन वाक्यों को पढ़ो और इन्हें प्रश्वाचक वाक्यों में बदलो
क. ज्ञान असीमित है।
ख. आकाश में अँधेरा छाया हुआ था।
ग. गड्डे और नालियाँ पानी से भर गईं।
घ. उसने एक जल-प्रपात का रूप धारण कर लिया।
ङ. राष्ट्रीयता की चिंगारी जल उठी थी।
च. मैं काफी धन कमा लूँगा।
क. क्या ज्ञान असीमित है?
ख. आकाश में अंधेरा क्यों छाया हुआ है?
ग. गड्ढे और नालियाँ पानी से कैसे भर गईं?
घ. उसने एक जल-प्रपात का रूप कैसे धारण कर लिया?
ड. राष्ट्रीयता की चिंगारी कब जली थी?
च. मैं कैसे काफी धन कमा लूंगा?